बहुत पहले सोचा था कभी
कि 'वो' मिलेगी जब, तो...
खुल के जियेंगे सभी
'वो' मिल तो गई, लेकिन
जो सोचा था वो मेरा न हुआ
एक अध्याय बाकी है अभी
जो पूरा न हुआ
पूछो जो मन से तो यही आवाज आती है
अभी तो पूरी जिंदगी बाकी है।
'वो' जाम है तो क्या
तू भी तो साकी है।
उसने मिलते ही एक बात कही थी
वो बात अक्सर याद आती है
कि, मत होना मेरे मिलने के मद में चूर....
क्योंकि,
मैं तो हूं महज एक शुरूआत, अभी दिल्ली है दूर......।